Tuesday, June 28, 2005

ख्याल

ख्याल उनको जब भी मेरा आया होगा
याद ने मेरी फिर उन्हें रातों को जगाया होगा

पढ़ा तो होगा ख़त मेरा उसने बार बार खोलकर
ज़माने के डर से फिर उसको कहीं छुपाया होगा

मचला तो होगा दिल अक्सर की सबके रु-ब-रु कह दे
जाके कोने में फिर ख़ुद को ही सब बताया होगा

तड़पता हूँ जिस तरह, क्या वो भी तड़पता होगा
इस सवाल ने क्या उसको भी इतना सताया होगा

'अकेला' की हस्ती ही क्या जो करता शायरी
रख दिया कागज़ पर, जो उसने लिखाया होगा

~अकेला~

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