ख्याल उनको जब भी मेरा आया होगा
याद ने मेरी फिर उन्हें रातों को जगाया होगा
पढ़ा तो होगा ख़त मेरा उसने बार बार खोलकर
ज़माने के डर से फिर उसको कहीं छुपाया होगा
मचला तो होगा दिल अक्सर की सबके रु-ब-रु कह दे
जाके कोने में फिर ख़ुद को ही सब बताया होगा
तड़पता हूँ जिस तरह, क्या वो भी तड़पता होगा
इस सवाल ने क्या उसको भी इतना सताया होगा
'अकेला' की हस्ती ही क्या जो करता शायरी
रख दिया कागज़ पर, जो उसने लिखाया होगा
~अकेला~
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