Friday, June 24, 2005

सुकून

सुकून मेरे दिल को नहीं
ऐसा भी क्या हो गया
वो जो मेरा था नहीं
क्यों लगता है कि खो गया

कहते हैं नसीब वालों को ही
मिलती है मोहब्बत
वो आए तो थे, पर क्या करुँ
नसीब ही मेरा सो गया

अब ना मिलेगा चैन मुझे
सारी उम्र भर
दस्तक देके ख्वाब में
वो बीज प्यार का बो गया

सबसे हंसके बात करे वो,
मुझसे खफा खफा सा था
मुस्कुराके देखा इक नज़र
और दाग दिल के धो गया

~अकेला~

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